Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

FIR में पुलिस की बड़ी लापरवाही, हथियार के बल पर बंधक बनाकर लूट के दौरान जख्मी, धारा घोटाला

0 57

 

धारा घोटाला करने का पुलिस का क्या उद्देश्य FIR कॉपी में पुलिस की बड़ी लापरवाही ! 

First Prime: बेगूसराय नगर थाना से चंद कदम की दूरी पर मुंगेरी गंज स्थित कन्हैंया ज्वेलर्स में हुए भीषण डाका कांड में पुलिस ने एफआईआर मेें गंभीर धाराओं को छोड़ दिया है। डाका कांड में दर्ज प्राथमिकी ही इस बड़ी वारदात में पुलिस की गंभीरता को उजागर कर रही है। पुलिस एफआईआर में सिर्फ डकैती (आईपीसी की धारा 395) ही लिखा है। जबकि एफआईआर के तथ्यों के हिसाब से एफआईआर को कई गंभीर धाराओं में दर्ज करना चाहिए था।

इस चर्चित,सनसनीखेज और चुनौतीपूर्ण डाका कांड की एफआईआर थानाध्यक्ष अभय शंकर ने खुद रजिस्टर्ड किया है। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों के कोपभाजन से बचने के लिए एफआईआर में कमजोर धारा तो नहीं लगाई है या फिर उन्हें आइपीसी के बेसिक का भी ज्ञान नहीं है। हेडक्वार्टर डरीएसपी निशिथ प्रिया ने बताया कि छुटी हुई धारा सुपरविजन में जोड़ दी जाऐगी। थानाध्यक्ष ने एफआईआर में गलत धारा नहीं लगाया है। इसलिए कोर्ट को चुक सुधार के लिए आग्रह नहीं किया जाऐगा। बेगूसराय प्रमंडल के डीआईजी राजेश कुमार ने बताया मामला अत्यंत्र गंभीर है। वे इस मामले की खुद जांच करेंगे।

क्या कहते हैं विधि-  विशेषज्ञ
भारत सरकार के स्टेंडिग कांसिल सह वरीय अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने स्वर्ण व्यवसायी डकैती कांड में दर्ज प्राथमिकी को अभियोजन की बड़ी चुक बताया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में पिस्तौल से जख्मी हुए व्यवसायी के बयान के आधार पर 395 आईपीसी के साथ ही स्वतः 397(डकैती के दौरान जख्मी करना) 452(गृह अतिचार) और 27 आम्र्स एक्ट की धारा न लगाना गंभीर चुक है। उन्होंने कहा कि धनी आबादी के बीच और थाना के समीप हुई वारदात की प्राथिमकी में ही चुक से आगे का अनुसंधान तथा अभियोजन साक्ष्य के आधार पर सजा कराने में अपराधियों की ही मदद मिलेगी।

हाईकोर्ट के अधिवक्ता शुभेष पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी में मुद्दई ने जो भी वक्तव्य दिया है, उसी आधार पर धाराओं को लगाना चाहिए। एफआईआर में यह गंभीर चुक है।

वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार राय ने कहा कि डकैती के दौरान जख्मी करने की वारदात में आईपीसी की धारा 397 एफआईआर में होनी ही चाहिए थे। इस तरह की गलती बताती है कि पुलिस अफसर को आईपीसी का साधारण ज्ञान भी नहीं है।
350 ग्राम स्वर्णाभूषण, 5 किलो चांदी और डेढ़ लाख नगद की हुई थी लुट।

22 मई की सुबह करीब साढ़े 7 बजे कन्हैंया ज्वेलर्स में धावा बोल कर 5 बदमाशों ने 350 ग्राम स्वर्णाभूषण, 5 किलो चांदी और डेढ़ लाख नगद लिया था। यह वारदात नगर थाना से करीब 50 मीटर दूर हुई थी। बदमाशों ने दुकानदार कन्हैंया कुमार, उसे ममेरा भाई और दो ग्राहकों को हथियार के दम पर कब्जा में कर लिया। फिर चारों का हाथ पैर बांध कर मुंह में टेप चिपका दिया। तिजोरी की चाभी देने में विरोध करने पर कन्हैंया के सिर को पिस्टल से प्रहार कर फोड़ दिया था।
60 धंटे बाद भी अंधेरे में तीर चला रही है पुलिस, नहीं हुआ है डाका कांड का खुलासा।

 क्राइम रिपोर्ट : वरिष्ठ संवाददाता, बेगूसराय

एडवर्टाइज

Copy

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!